प्‍यार डर


santoshkumar

आपकों प्‍यार करने से डर लगता है

आपकों खोने से डर लगता है

कहीं आखों से गुम ना हो जाये याद

अब रात में सोने से डर लगता है

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santoshkumar
यूं तो आपको रोज याद कर लिया करते है

मन ही मन में देख लिया करते है

क्‍या हुआ अगर आप पास नहीं है

हम तो दलि में मूलाकात कर लिया करते हैं 

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santoshkumar

याद में तेरी आखं भरता है कोई

सांस के साथ तुझे याद करता है कोई

मौत सच्‍चाई है इक रोज सबको आनी है

तेरी जुदाई में हर रोज मरता है कोई 

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santoshkumar

दीवाने है तेरे नाम के इस बात से इंकार नहीं

कैसे कहे कि तुमसे प्‍यार नहीं

कुछ तो कसूर है आपकी आखों का

हम अकेले तो गुनहगार नहीं 

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santoshkumarjh