चित्र/मूर्तियां विसर्जित कर

देवताओंके अवांछित चित्र/मूर्तियां विसर्जित करें !

देवताओंकी अवांछित मूर्तियां/चित्र मंदिरोंमें/वृक्षके नीचे अस्त-व्यस्त रखनेसे वे जीर्ण हो जाते हैं, जिससे देवताओंका निरादर होता है । अतएव धर्मशास्त्र (संदर्भग्रंथ : धर्मसिन्धु) के अनुसार देवताओंके ऐसे चित्र अग्निमें समर्पित करें एवं मूर्ति जलमें प्रवाहित करें ।
हिंदुओ, इस विषयमें अन्योंका भी प्रबोधन कर धर्मकर्तव्य निभाएं !